दर्द की दास्तान's image
Kavishala DailyPoetry1 min read

दर्द की दास्तान

Sahdeo SinghSahdeo Singh December 5, 2021
Share0 Bookmarks 53 Reads0 Likes

दर्द तो सबके अंदर है,

कोई रोकर दुनिया को सुना देता है,

कोई हंसकर दिल के अंदर ,

जज्ब कर लेता है ।

दर्द वह एहसास है जिसे दिल,

में छिपा लेना ही बेहतर है,

वरना ये दुनिया गाहे बगाहे,

मजाक बना देती है ।

दर्द को बेदर्द बनाकर फूलों की,

तरह मुस्कराना ही बेहतर है ।।



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts