दर्द की दास्तां's image
Kavishala DailyPoetry1 min read

दर्द की दास्तां

Sahdeo SinghSahdeo Singh September 25, 2022
Share0 Bookmarks 47 Reads0 Likes

दर्द की दास्तां अजीब होती है,

दिल के छालों को छिपाने की तरकीब होती है

चेहरे मायूस होते हैं मगर

बनावटी मुस्कान लाने की फरेब होती है ।

कोई मुखौटा अब तक न मिला किसीको

जो गम की परछाइयों को छिपा सके

हजारों कोशिशों के बाद भी

दिल की मायूसिया छिपा सकने की

मजबूरी करीब होती है ।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts