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चुनावी बुल बुले

Sahdeo SinghSahdeo Singh November 14, 2022
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बुल बुले उठने लगे हैं मतदाताओं के खयाल में

चुनावी वादों के राजनीतिक माहौल में

सब दलों के अपने अपने लुभावने वादें है

मतदाता समझ नहीं पा रहा किसके सच्चे

किसके झूठे वादे हैं,

सच तो यह है कि जनता हर बार इनमें उलझ

जाती है

सरकारें बनने के बाद पछताती है,

यह चुनावी शगल है या राजनीति का खेल

क्योंकि सदा किए वादों में सरकारें फेल ।

क्या करे जनता इन राजनीति के धंधे में

लोकतंत्र में मताधिकार देना और शामिल होना

राजनीति के गोरखधंधे में ।।

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