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भौरों की गुन गुन

Sahdeo SinghSahdeo Singh October 10, 2021
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गुनगुना रहें हैं भौरे,

खिल गयी हर कली कली,

प्रेम के संगीत से झुक गयी,

हर कली डली ,

गुनगुना रहें हैं भौरे—

प्रेम का अद्भुत मिलन,

इन फूलों से भौरोँ का है,

प्रकृति भी प्रेम का देती हमें सन्देश है,

प्रेम के इजहार से सुवासित है,

हर गली गली,

गुनगुना रहें हैं भौरे,

खिल गयी हर कली कली ।।

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