आशा ज्योति's image
Share0 Bookmarks 25 Reads0 Likes

इन आखों में उदासी है मगर,

एक आशा का दीप जलाये रखा है,

वक्त कितना भी विपरीत हो मगर,

एक विश्वास बनाये रखा है ।

समय रुकता नहीं कभी,

वह तो स्वयं ही कट जाता है,

रात कितनी भी लम्बी हो मगर,

सूरज निकलते प्रकाश फैल जाता है ।

यही नियत है प्रकृती की,

यही कुदरत की सच्चाई है,

जीवन में कभी प्रकाश की

झिलमिल तो कभी अंधेरों,

की गहराई है ।।

There is sadness in these eyes, but
A lamp of hope has been lit,
No matter how contrary the time is,
A belief is maintained.

Time never stops
He cuts himself
No matter how long the night is,
As the sun rises, the light spreads.

This is the destiny of nature,
This is the truth of nature,
light in life
Flicker and sometimes dark,
The depth of.


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts