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जो छोड़ दिया पीछे उनको ना भुलाना है

वे मेरे अपने हैं ना उनसे दूर जाना है,

आ अब लौट चलें ।

जिनके आंचल में जीवन की मधुर यादें,

कैसे भूलेंगे अपनी मिट्टी से किये वादे,

हर हाल में तेरे हैं तेरी ममता के तले ,

आ अब लौट चलें ।

तेरे यादों के झरोंखो में अनगिनत हैं

स्मृतियाँ ,

कैसे भूलेंगी उनकी प्यारी झलकियां,

अब जो भी ख्वाहिश है ,

तेरे आंचल में मिले ।

आ अब लौट चलें ।।

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