मुलाकात's image
Share0 Bookmarks 23 Reads1 Likes
मिलना यूँ था, यकीन करना मुश्किल है। 
आज भी, फर्क वही है 
मुझे तुम्हारी खुशी से तसल्ली है,
और तुम्हारी आँखे आज भी मेरे दुखों की रसीद तलाश रहीं हैं।


✒ रूपी

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts