जीवन दर्शन's image
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तू राह में आगे बढ़ता चल
अपनी बिरह को खुद ही बुझा
अशांत मन को शीतलता का मार्ग दिखा

मोह के भोग से मुक्त हो
कठोर कर अपना मन और मंजिल को पा


✒रूपी

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