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ज़िंदगी देख

Roopali TrehanRoopali Trehan July 1, 2022
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गिर गिर कर ही सही

मगर खड़े होते चले

ज़िंदगी देख!

हम कैसे

तेरे एहसानों को

हर रोज़ ढोते चले


रुक रुक कर ही सही

मगर बढ़ते चले

ज़िंदगी देख!

हम कैसे तेरे नखरों को

हर रोज़ संजोते चले


रो रो कर ही सही

मगर मुस्कुराते चले

ज़िंदगी देख!

हम कैसे तेरे जुल्मों पर भी

हर रोज़ इतराते चले

हर रोज़ इतराते चले

✍️✍️

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