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वो जज़्बात ही क्या

Roopali TrehanRoopali Trehan September 27, 2022
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वो जज़्बात ही क्या

जिन्हें बिना मशक़्क़त

पढ़ लिया जाए


वो एहसास ही क्या

जो आसानी से

लफ़्ज़ों में ढाल दिए जाएं


वो लम्हें ही क्या

जो बिन मसरूफ़ियत

गुज़र न पाएं


वो नज़रें ही क्या

जो दिल की

ज़ुबानी समझ न पाएं


वो ताल्लुकात ही क्या

जो बिना मिले

सँभल न पाएं


वो मुलाक़ात ही क्या

जो ख्वाबों की तहों

से गुज़र न पाएं


वो शायर ही क्या

जो तलब कलम की

समझ न पाए

✍️✍️



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