उम्मीद's image
Share0 Bookmarks 27 Reads1 Likes

उम्मीद ही दुखों का कारण

उम्मीदों से ही मन होता अशांत है

औरों से आशा करते करते

ख़ुद के वजूद का

हो जाता देहांत है


उम्मीद ही बेचैनियों का सबब

उम्मीदों से ही हर इक अजाब है

दूजों की राह ताकते ताकते

बुझ जाते ख़ुद की

आँखों के ख़्वाब हैं


उम्मीद ही बेक़रारी की वजह

उम्मीदों से ही दिल ए बेताब है

औरों की हरदम सुनते सुनते

ज़िंदगी हुई जाती

ख़ुद के खिलाफ़ है

✍️✍️

अज़ाब (दर्द/पीड़ा)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts