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थोड़ा हँस भी लिया करो

Roopali TrehanRoopali Trehan January 20, 2022
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थोड़ा हँस भी लिया करो

आँसुओं को यहाँ

कोई ना पोछेगा

दर्द ले लेगा जान तुम्हारी

तड़प को ना कोई रोकेगा


तोड़ देंगी दम सिसकियां

हिचकियों को कोई ना टोकेगा

अपनी मौज में मस्त मुसाफिर

क्यों ख़ुद को तुझमें झोकेगा


स्वार्थ से भरी है दुनिया सारी

आत्मीयता का

यहाँ कोई मोल नहीं

ख़ुदगरज़ी पर टिके हैं

रिश्ते सारे

कुर्बानी का यहाँ कोई रोल नहीं

✍️✍️

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