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रिश्तों में ठहरी

Roopali TrehanRoopali Trehan May 2, 2022
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रिश्तों में ठहरी

हम सबकी कहानी

अपनी कही औरों

की कब मानी


नादानी शुरुवात और

अंत ताना तानी

अब कहाँ दिखती है

वो चाहत रूहानी


वो मासूमियत वो सादगी

वो दिलों की ज़ुबानी

न जाने कब गुम हुई

वो मुस्कान नूरानी


हज़ारों की भीड़ और

अनुभूति अनजानी

अब नहीं मिलती वो

ज़िंदगी जानी पहचानी

✍️✍️

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