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रखें क्या हिसाब

Roopali TrehanRoopali Trehan July 27, 2022
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ढेर सारी शिकायतों का रखे क्या हिसाब

समझौते हैं हजारों और लापता जुड़ाव 


रोज़ ढलती उम्मीदों की खोले क्या किताब

सवाल हैं हज़ारों और गुमशुदा जवाब 


थोथी मुस्कुराहटों का देखें क्या रुआब

अनकहे जज़्बातों का बढ़ता जाए खिंचाव


हर पल डगमगाते रिश्तों का कैसे हो जुड़ाव

नजदीकियां है दरमियान और लापता लगाव 

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