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पाया ही नहीं जिसे

Roopali TrehanRoopali Trehan September 9, 2021
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पाया ही नहीं जिसे

उसे क्यों खोने से डरते हैं

अपनी ही दिल की गवाही से

क्यों हम अक्सर मुकरते हैं


ख़ुद को बेवजह क्यों

हम हरपल यूं ही परखते हैं

अनचाही राहों से

क्यों हम अक्सर गुज़रते हैं


मनचाही मंजिलों पर

क्यों हम नहीं बढ़ते हैं

बेवजह की तानाकशी

से क्यों हम हरदम डरते हैं

क्यों हम हरदम डरते हैं

✍️✍️

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