नया सवेरा's image
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बीतते साल के साथ

बहुत कुछ बदल गया

बिखरा कहीं बहुत कुछ

तो काफ़ी कुछ संभल गया


बंद हुए अध्याय कई

तो कई नए प्रसंग शुरू हुए

डगमगाते हौसलों के संग

कई प्रयास विफल हुए


छोड़ा ना दामन उम्मीद का

चाहे ज़िंदगी ने झकझोर दिया

कोशिशों के सहारे हमने

तूफानों का रुख मोड़ दिया


होगा नया सवेरा कल

उस पल का इंतज़ार है

तलब लगी है जीने की

और ज़िंदगी हुई जाती बेज़ार है

✍️✍️

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