ना कम ना ज़्यादा's image
Poetry1 min read

ना कम ना ज़्यादा

Roopali TrehanRoopali Trehan November 7, 2021
Share0 Bookmarks 29 Reads2 Likes

ना कम ना ज़्यादा

ये ज़िंदगी करती नहीं

किसी से कोई वादा


ना आज ना कल

ये ज़िंदगी रही हरपल 

हाथ से फिसल


ना आधा ना पूरा

ये ज़िंदगी रखती 

सबको अधूरा


ना आना ना जाना

ये ज़िंदगी सुखों और

दुखों का ताना बाना

✍️✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts