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मस्त मुसाफ़िर

Roopali TrehanRoopali Trehan February 11, 2022
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सफ़र में हैं सब यहाँ

मंजिलों की ख़बर नहीं

बेताबियों भरी हैं राहें सबकी

रगों में तनिक सब्र नहीं


भागती दौड़ती ख्वाहिशों संग

हकीकतों की कद्र नहीं

अपनी धुन में रमें हुए

किसी बात का असर नहीं


रफ़्तार में हैं उड़ानें सबकी

उबाले मारता रोष है

अपनी मौज का मस्त मुसाफ़िर

खुदगर्ज़ी में मदहोश है

✍️✍️

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