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मसले ज़िंदगी के

Roopali TrehanRoopali Trehan July 19, 2022
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मसले ज़िंदगी के 

होते नहीं हल

बीतता नहीं आज,,

इंतज़ार में है कल


क़दम कोशिशों के 

होने लगे हैं सुन्न

मंजिलें हैं ओझल,,

रास्ते हैं गुम


दायरे यथार्थ के 

करने लगें हैं तंग

हसरतों की हकीकतों 

से छिड़ने लगी है जंग


आता नहीं समझ में 

ज़िंदगी का ये ढंग

समय दिखा रहा है 

कैसे कैसे रंग

समय दिखा रहा है 

कैसे कैसे रंग

✍️✍️

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