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लफ़्ज़ों की बनावट

Roopali TrehanRoopali Trehan October 31, 2022
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लफ़्ज़ों की बनावट का

यहां हर शख़्स दीवाना है

नादान सा जहन

सादगी से बेगाना है


तेरे मुंह पर तेरी

मेरे मुंह पर मेरी

इसी चतुराई का ज़माना है

झूठ से रूबरू

सच से अनजाना है


स्वार्थपरता की भीड़ में

भावनाओं का न ठिकाना है

खोज कमियां दूसरों में

ख़ुद को माहिर बताना है

खोज कमियां दूसरों में

ख़ुद को माहिर बताना है

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