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किंतु परंतु

Roopali TrehanRoopali Trehan June 11, 2022
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किंतु परंतु लेकिन 

सब यही रह जायेगा

ख़ुद से ख़ुद न मिले तो 

जीवन व्यर्थ हो जाएगा


कल परसों नरसो 

सब बीत जायेगा

डोर थामी न वक्त की 

तो पीछे छूट जायेगा


क्यों कब कहां कैसे 

कुछ काम न आएगा

काहे को भटक रहा 

गुमराह हो जाएगा


आज अभी यहीं है जीवन 

जो तू समझ जाएगा

रहेगा हरदम मौज में अपनी

फिर न पछताएगा

✍️✍️

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