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ख़ामोश आँखें

Roopali TrehanRoopali Trehan December 3, 2021
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ख़ामोश आँखें

अक्सर शोर बेतहाशा करती हैं

मौन बैठे जज़्बातों का

बेबाक खुलासा करती हैं


करती हैं जिनको नज़रंदाज़

अक्सर उन्हीं पर मरती हैं

लांघ चुप्पियों की दहलीज़

अक्सर एहसासों का दावा करती हैं


कभी बेपनाह इश्क़ 

तो कभी बेहिसाब 

दर्द लिए फिरती हैं

ख़ामोश आँखें अक्सर 

दास्तान ए दिल कहा करती हैं

✍️✍️


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