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कौन किसको जाने है

Roopali TrehanRoopali Trehan October 9, 2021
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ताल्लुक़ रूह का रूह से

अब दिखता नहीं

जिस्मों के यहाँ सब दीवाने हैं

बिना किसी मतलब के

यहाँ कौन किसको जाने है


दिल से दिल तक पहुंचने

में लग जाते अब यहाँ ज़माने है

अपनेपन के नहीं यहाँ तो सब

खुदग़रज़ीयों के दीवाने हैं


औरों पर उँगली उठाने में माहिर

और ख़ुद की गलतियों से बेगाने हैं

शब्दों के शोर में चीखती हुई

खामोशियों के भी अपने

अलग ही फ़साने हैं

✍️✍️

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