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जीना फ़िलहाल है

Roopali TrehanRoopali Trehan October 6, 2022
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आँखें हैं ये

या कुछ अपठित ख्याल हैं

ख़्वाब हुए लापता

फिर भी जीना फ़िलहाल है


लब हैं ये

या कुछ अनकहे सवाल है

हकीकतों की दुश्वरियां

फिर भी जीना फ़िलहाल है


लफ़्ज़ हैं ये

या कुछ अनसुने मलाल है

बढ़ रही हैं खामोशियां

फिर भी जीना फ़िलहाल है

फिर भी जीना फ़िलहाल है

✍️✍️

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