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ह्रदय के भीतर

Roopali TrehanRoopali Trehan January 8, 2022
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समाया सबकुछ हृदय के भीतर

लबों से कुछ ना जाहिर किया

आँखें जब जब बोल उठीं

ज़ुबान को तब तब माहिर किया


चेहरे की दरारों को

दिखावों से भरपूर किया

होंठों की लड़कड़ाहट को

मुस्कुराहटों से मशहूर किया

हुई जो कोई अड़चन पैदा

नज़रंदाज़ी से रफ़ा दफ़ा किया

फैला जो कोई हंगामा

सब्र से उसे सफ़ा किया

✍️✍️

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