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होंठों की अलमारी

Roopali TrehanRoopali Trehan August 30, 2022
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होठों की अलमारी में

कपड़ा हर रंग का है

लफ़्ज़ों की कतारों का

खामोशियों से लफ़ड़ा है


झूठ ,प्रपंच ,दिखावों का

अपना अपना जलवा है

समझौतों की चमक तले

जज़्बातों का मलबा है


ज़िम्मेदारियों के ढेर में

गुम सपनों का गट्ठा है

वास्तविकता के हर छोर पर

एहसासों का जत्था है

वास्तविकता के हर छोर पर

एहसासों का जत्था है

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