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हवाई यात्रा

Roopali TrehanRoopali Trehan April 21, 2022
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भरी जो उड़ान तो

अद्भुत नज़ारा था

आसमान के बीच

आशियाँ हमारा था


हवाओं के बीच

बादलों का साथ था

धरा से ऊपर

अब्र का ताज था


पंछियों को छोड़ नीचे

ऊपर हम आ गए

खुशियों की उड़ान भरकर

दर्द भी मुस्कुरा गए


बादलों की सैर के

निराले ही अंदाज़ थे

तारों की नगरी के

हम सरताज थे

✍️✍️

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