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गहरे सन्नाटे

Roopali TrehanRoopali Trehan July 5, 2022
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गहरे सन्नाटे

उसमें,,,

खामोशियों का शोर

ज़िंदगी कभी इस पार

तो कभी उस ओर


पल पल बढ़ती

उलझनों का

मिलता न कोई छोर

जाने किस दिशा

ज़िंदगी की डोर


दिल के जज़्बातों

पर चलता न कोई ज़ोर

अंधेरों की राह ताकती

सुनहरी इक भोर

✍️✍️

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