दुनिया असफल है's image
Poetry1 min read

दुनिया असफल है

Roopali TrehanRoopali Trehan February 22, 2022
Share0 Bookmarks 21 Reads1 Likes

उलझनों में फँसी है ज़िंदगी

उलझनों में ही इसका हल है

वर्तमान में ही है राहत सारी

यही समझने में दुनिया असफल है


बेताबियों में ही है चैन सारे

बेताबियाँ ही बेसब्री का हल हैं

व्याकुलता से ही हैं शोध सारे

यही समझने में दुनिया असफल है


तन्हाईयों में ही है असल ज़िंदगी

तन्हाईयाँ ही सारी तकलीफ़ो का हल है

तन्हाई ही है ख़ुद को ख़ुद

से मिलवाने का माध्यम

यही समझने में दुनिया असफल है

✍️✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts