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दोहरी ज़िंदगी

Roopali TrehanRoopali Trehan August 28, 2022
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दोहरी ज़िंदगी के

वार भी कमाल हैं

एक तरफ़ झूठी मुस्कुराहटें

दूजी तरफ़ बुरा हाल है


जिम्मेदारियों का बोझ

हरदम सिर पर सवार है

हकीकतों के साए में

ख़्वाबों का जीना दुश्वार है


ख़ुद से अपरिचित

औरों पर सवाल हैं

जानकर सबकुछ

पूछते हैं

जनाब क्या हाल है?

जनाब क्या हाल है?

✍️✍️

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