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दिखावे का दौर

Roopali TrehanRoopali Trehan December 28, 2021
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दरारे दिल की अब

किसी को कहां दिखती हैं

दिखावे के दौर में अब

सादगी कहां टिकती है


खुदग़रज़ीयों के दौर में

अब नजदीकियाँ

कहां दिखती हैं

दुश्वारियों के बाजारों में

अब आसानीयाँ

कहां बिकती हैं


लफ़्ज़ों के बाज़ार में अब

खामोशियाँ कहां टिकती हैं

आवाज़ों के शोर में अब

चुप्पियाँ कहां दिखती हैं

✍️✍️

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