दशहरा's image
Share0 Bookmarks 17 Reads0 Likes

राम की नगरी में

रावण करे पुकार

बोझ उठाए चेहरों का

कौन करेगा वार


माना की मुझमें हैं

बुराई लाखों हज़ार

मंशा तेरी जानकर

खड़ा मैं शर्मसार


माना की मैं पापी हूं

मगर तुम भी गुनहगार

औरों पर आख़िर कब तक

करते रहोगे वार

औरों पर आख़िर कब तक

करते रहोगे वार

✍️✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts