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छलावों का दौर

Roopali TrehanRoopali Trehan February 4, 2022
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भ्रमित काहे फिर रहा

दिखावों के माहौल में

सबसे क्यों मिल रहा

छलावों के इस दौर में


बिक रहा झूठ यहाँ

सच्चाई के भेस में

यथार्थ का यहां

किस्सा नहीं

विवशता के देश में


हां में हां जो मिला रहा

वही सबसे श्रेष्ठ है

गलत को गलत कहना

सबसे बड़ा कलेश है

✍️✍️

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