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चार दिन की मोहलत

Roopali Trehan SrivastavaRoopali Trehan Srivastava September 17, 2022
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है मोहलत चार दिन की

सौ काम भी करने हैं

बिखेरनी हैं मुस्कुराहटें

दर्द सरेआम भी करने हैं


निभानी हैं रस्में कईं

दिल के अरमान भी पूरे करने है

नाराज़ बैठे चंद अपनों के

फ़रमान भी पूरे करने है


रह गए जो अधूरे

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