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चाहिए सबको ज़्यादा

Roopali TrehanRoopali Trehan January 10, 2022
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चाहिए तो सबको ज़्यादा

कम का यहाँ ना कोई ग्राहक है

खुशियों के हैं हर तरफ़ मैले

दर्द का कोई ना वाहक है


कमियाँ खोजने में सब निपुण हैं

गुणों का यहाँ ना कोई अभिलाषी है

बोलना हो जाए जहाँ ज़रूरी

वहाँ छा जाती लबों पर ख़ामोशी है


दिल तोड़ने में सब हैं माहिर

दिल रखने का यहाँ

ना कोई दस्तूर है

बात जो हो ना अपने मन की

तो सार्थक बात भी फ़िज़ूल है

✍️✍️

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