भूले कहाँ भुलाते हैं's image
Poetry1 min read

भूले कहाँ भुलाते हैं

Roopali TrehanRoopali Trehan April 11, 2022
Share0 Bookmarks 47 Reads1 Likes

भूले कहाँ भुलाते हैं

बीते किस्से और कहानी

हकीकतों का बोझ ढोते ढोते 

बीत जाती है यूं ही जिंदगानी




रह जाती है आँखों में 

जज़्बातों की निशानी

ज़िम्मेदारियाँ उड़ा ले जाती हैं

वो मौजों की रवानी 




कुछ पाने के लिए 

देनी पड़ती है 

कुछ की कुर्बानी

समझदारी छीन लेती है

मासूमियत और नादानी

✍️✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts