बेटियाँ's image
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अपने हिस्से की किस्मत

खुद ही गढ़ लेती हैं

बेटियां बिन कहे ही

सबकुछ पढ़ लेती हैं


मां बाप का आंगन

खुशियों से भर देती हैं

मुस्कुराहटों से अपनी

दर्द सारे हर लेती हैं


सुख हो या दुख हर

हाल में जी लेती हैं

बेटियां हर घर में

उजाले भर देती हैं


छोड़ अपना घोंसला

दूर उड़ जाती हैं

फिर भी हर रिश्ता

दिल ओ जान से निभाती हैं


जिस जगह जाती हैं

वहां नेमत बरसती हैं

तभी तो बेटियां घर

की पूँजी कहलाती हैं

✍️✍️

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