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रामराज्य [ RAMRAJYA ]

rmalhotrarmalhotra February 11, 2022
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नि:स्वार्थ सेवा का हृदय में भाव हो, 

समाज में अपनत्व और अनुराग हो I

महत्वाकांक्षा का ना कोई तनाव हो, 

सद्भावना का जग में ना आभाव हो I


प्रेम, एकत्व और विश्वास बेहिसाब हो, 

दृष्टि में आदर, और नीयत साफ़ हो I 

विश्व भर में बुलंद सच की आवाज़ हो, 

झूठ और प्रपंच का पर्दा सदा फाश हो I


अन्तःकरण हो शुद्ध, और मन साफ़ हो, 

शान्तिपूर्ण हो सह-अस्तित्व, मन में सद्भाव हो I

स्वस्थ हो संसार, ना कोई रोग ना संताप हो ,

पावन हो पृथ्वी सारी, पाप का विनाश हो I


विदित हो समानता, विषमता से निजात हो, 

समपन्न हो प्रजा साधनों का ना आभाव हो I

वर्णो और वर्गो में विखंडित ना समाज हो, 

सबका हो मंगल, वसुंधरा पर रामराज्य हो I


~राकेश की कलम से 

@rakeshmalhotra


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