बसंत पंचमी [ Basant Panchmi ]'s image
Poetry1 min read

बसंत पंचमी [ Basant Panchmi ]

rmalhotrarmalhotra February 5, 2022
Share1 Bookmarks 194 Reads1 Likes

शब्दों में दरशे माँ शारदा ,

वाणी में वीणा के सुर हो।


भाषा से विदित हो विनम्रता,

वचन सुंदर, मृदुल और मधुर हो।


कथनी हो सत्य, निर्भय और निडर,

अभिव्यक्ति को सरस्वती का वर हो।


माँ शारदा का साथ हो आशीर्वाद,

ज्ञान व बुद्धि समृद्धि का आधार हो।


बसंत पंचमी का पर्व प्रकृति का सम्मान है ,

पर्यावरण की रक्षा पूजा अर्चना के समान है।


रंग, उमंग, और प्रेम की बरखा ही बसंत है ,

पंच तत्व ही है जीवन बिन उनके बस अंत है।


~ राकेश की क़लम से


@RakeshMalhotra

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts