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खुशी ( मेरी बेटी )

Rjaitly45Rjaitly45 December 22, 2022
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ज़िंदगी सवाल थी,
तू जवाब बन कर आ गयी
नींदे उड़ी उड़ी थी
तु हसिन ख्वाब बन कर आ गयी
तेरे आने से सूना मन चहक उठा
घर का कोना कोना महक उठा
तु हँस दे तो दिन पल में गुजर जाए
चुप हो तो यह ज़हान थम जाए
कमी क्या थी यह पता लगा तुम्हे पाने के बाद
जीने कi सबब मिला तुम्हारे आने के बाद
था जो मकान हमारा वो अब घर लगता है
तुझसे दूर जाने का सोचकर डर लगता है
सुन कर तेरी किलकारी,चिन्ताए दूर हो जाती है सारी
हम आज खुश है क्योकि खुशी है हमारी

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