मैं गलत थी's image
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उम्मीद कर सपने देखने लगी थी
मैं गलत थी कि सपने पूरे होते हैं
शायद कुछ अधूरे भी होते हैं

एक सुबह की इंतज़ार में
रातों का सुकून गवाई थी
मैं गलत थी कि सुबह नई होगी
वो तो बस छिपी हुई होती हैं

उगता सूरज अंधेरा दूर करेगा
नया रास्ता दिखाएगा
मैं गलत थी कि नया सवेरा मेरे हक में होगा
वो तो सबके लिए एक जैसे ही होता है

मैं गलत थी कि मैं रोज नई सी होती हूँ
मैं वैसी ही हूँ जैसे कल थी
मैं गलत थी।

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