अभी कुछ बाकी है's image
Love PoetryPoetry1 min read

अभी कुछ बाकी है

RishabhRishabh March 9, 2022
Share0 Bookmarks 43 Reads1 Likes

टूटा तो है,

पर अभी अंजाम बाकी है 

मेरे अरमानो को,

मुकम्मल आसमान बाकी है 

दर्द जिरह कलेश,

न जाने कितने पैगाम बाकी है 

मर्यादा की कसौटी पे,

तेरे ईमान का इम्तहान बाकी है 

तेरा तो बेगैरत था सनम,

पर मेरे इश्क का इक आखिरी मुकाम बाकी है 

तेरे दिए ज़ख्मों के,

नासूर ए निशान अभी बाकी है

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts