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आओ, फिर दीप जलाकर

rashmi ranjanrashmi ranjan October 26, 2022
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 आओ, फिर दीप जलाकर
मन का अँधियारा भगाये।
अंर्तमन को प्रज्वलित कर
रोशनी चहु ओर बिखराये।

ओझल लक्ष्य को रोशन कर
पथ की बाधा को हर जाये।
समय जाल की चक्र को तोड़
सुंदर भविष्य रेखित कर जाये।

जीवन पथ का यज्ञ हो पूरा
आओ, फिर दीप सब जलाये।
छुटे न पथिक संकल्प अधूरा
अमिट श्रम की रेखा धर जाये।

आओ, फिर दीप जलाकर
मन का अँधियारा भगाये।
अंर्तमन को प्रज्वलित कर
रोशनी चहु ओर बिखराये।

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