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तुमसे ही आती मिठास

AbhishekAbhishek May 22, 2022
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सुबह सुबह जब

आती हो तुम

हाथों में लेकर चाय I

सोचता हूँ, काश !

होता मैं प्याली

और तुम चम्मच

शक्कर वाली, 

तो रोज़ रोज़ ही तुम

मुझ में डूब डूब कर, 

लगाती दो चार चक्कर I

नाज़ करते हम अक्सर

अपनी इस प्रीत पर

क्यूँकि तुमसे मिलन, 

होता ही इतना खास I

जो तुम मेरे आग़ोश में, 

आ के यूँ न मचलती !

तो किसी भी चाय में,

आती कैसे मिठास ?


     - अभिषेक


#InternationalTeaDay

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