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ठीक नहीं है पथराव

AbhishekAbhishek April 16, 2022
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देश के नौजवानों

मत चलाओ तुम

मन की नदी में

नफ़रत की नाव

होगी मंज़िल इसकी

साहिल-ए-अलगाव


मत रोको तुम

सद्भाव का अविरल बहाव

कायम करो भाईचारा

रखो परस्पर लगाव


मत लाओ तुम

विचारों में हिंसा का भाव

बहुत हुआ, ख़त्म करो अब

बैर और मज़हबी तनाव


मत जगाओ तुम

दहशत के दानव को

फिर क्या शहर क्या गाँव

ये हर जगह पसारेगा पाँव


मत तोड़ो तुम

भारत की एकता अखंडता

वृक्ष प्रेम का लगाओ

देगा सुकून अमन की छाँव


मत करो तुम

रोज़ रोज़ मानवता को घायल

बन जाएगा नासूर

आक्रोश का यह घाव


मत फेंको तुम

ज़ालिम बन कर, यूँ पत्थर

बेवज़ह, जन मानस पर

ठीक नहीं है पथराव


    - अभिषेक

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