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शुरुआत ख़ुद से

AbhishekAbhishek October 17, 2021
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अपेक्षा करते हैं तो, 

अपेक्षाओं पर खरे उतरिए


औरों को सुधारने निकले हैं ! 

पहले खुद सुधरिए


बहुत आसां है कीचड़ उछालना

अपना दामन तो देखिए


अच्छा सुनने की, है गर चाहत

मधुर बोलना सीखिए


ग़लतियाँ मत बताइए, 

अपनी ख़ताओं पे ग़ौर कीजिए


फ़क़त आशियाँ जलाना आता है !

घरौंदे बना कर भी दीजिए


       - अभिषेक


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