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लता जी : संगीत का एक युग

AbhishekAbhishek February 6, 2022
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न क़ाबिल-ए-माफ़ी है

ऐ काल, तेरी ये ख़ता

ले गया तू साथ क्यूँ अपने

हम सबकी प्यारी

भारत रत्न, स्वर कोकिला

सुर की देवी "लता"

..................................................


कल, एक सरस्वती की आरती गाई

आज, एक सरस्वती की अश्रुपूर्ण विदाई

.........................................................


कण-कण है आज ग़मज़दा

सदियों में जलती है ऐसी चिता

........................................................


ख़ामोश हो गया वो कंठ

चुप हो गया आलाप

हे सुरों की देवी माँ

स्तब्ध कर गईं हैं आप

.......................................................


अब तो, 

खलता रहेगा अनंत..

आपका न होना


लेकिन, 

गूँजता रहा था

गूँजता रहा है

गूँजता रहेगा


आपकी मधुर आवाज़ से, 

सृष्टि का कोना कोना


         - अभिषेक


स्वर कोकिला लता जी को विनम्र श्रद्धांजलि !

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