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कथक सम्राट : बिरजू महाराज

AbhishekAbhishek January 17, 2022
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सूनी कर गए धरती कला की

नृत्य का अनंत फ़लक

थमते नहीं थे कदम जिनके

गूँजती थी घुँघरुओं की खनक

झूम झूम, हर ताल पे यूँ

करते थे "कथक" अथक

दीवाना हो गया, देखा जिसने

उनकी हुनर का अद्भुत झलक

बिरजू फ़क़त "महाराज" नहीं

थे कई कलाकारों के जनक


      - अभिषेक

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