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जब से माँ बीमार हुई है

AbhishekAbhishek October 27, 2021
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जब से माँ बीमार हुई है

ज़िंदगी मेरी बेज़ार हुई है


मुझे चलना सिखाने वाली

ख़ुद चलने में, लाचार हुई है


"सुनिए जी", "अजी सुनते हैं"

अब मद्धम, ये पुकार हुई है


हल्ला-गुल्ला, बदमाशियाँ मेरी

नादाँ थीं, ज़िम्मेदार हुई हैं


          - अभिषेक


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