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ईद मुबारक

AbhishekAbhishek May 4, 2022
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फैला दो जहाँ में

प्रेम का ऐसा संदेश

मिट जाए इक-दूजे से

नफ़रत और द्वेष

बसा लो दिलों में

बे-इंतिहा उल्फ़त

फ़ज़ा की सबा में

हो चाहत ही चाहत

जला दो इतनी

भाईचारे की शमा'

कि सदियों जगमगाए

राह-ए-ईदगाह

तोड़ दो हर इक

शय-ए-तक़्सीम

गर मानो तो, हैं एक

राम और रहीम

बन जाओ तुम भी

अमीना का हामिद

मुबारक कर लो

गले मिल कर ईद


  - अभिषेक

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